बृजभूषण शरण सिंह पर गिरी गाज, जांच तक कुश्ती फेडरेशन के कार्य से रहेंगे दूर

बृजभूषण शरण सिंह.
बृजभूषण शरण सिंह.फोटो: @sharan_mp/ ट्विटर

WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विरोध में जंतर-मंतर पर पहलवानों का विरोध-प्रदर्शन समाप्त हो गया है. भारतीय ओलंपिक संघ के बाद अब अब खेल मंत्रालय ने भी पहलवानों के आरोप की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है. खेल मंत्रालय की कमेटी चार हफ्ते में जांच रिपोर्ट देगी. जांच पूरी होने तक बृजभूषण डब्ल्यूएफआई के कार्यों से दूर रहेंगे. इस बात की जानकारी कुश्ती फेडरेशन के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर ने दी.

अहम बिंदु

विनोद तोमर ने कहा के अध्यक्ष के पद पर बृजभूषण शरण सिंह अभी भी काबिज है लेकिन जांच चलने तक अपने आप को किसी भी आधिकारिक काम से दूर रखेंगे.

कुश्ती फेडरेशन के असिस्टेंट सेक्रेटरी ने बताया कि रविवार को होने वाली जनरल बॉडी की मीटिंग में वह अपने स्टेटस को बताएंगे और देशभर के प्रतिनिधियों के बीच इस विषय पर भी चर्चा होगी. फेडरेशन के ज्यादातर लोग बृजभूषण शरण सिंह के साथ हैं और व्यक्तिगत तौर पर भी मुझे खिलाड़ियों के आरोप सही नहीं लगते. जांच की रिपोर्ट आने तक बृजभूषण शरण सिंह फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे और उसी के बाद आरोपों को लेकर के अपनी बात सामने रखेंगे.

उन्होंने बताया कि आज ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में वो एक अध्यक्ष के तौर पर नहीं बल्कि मेहमान के तौर पर शिरकत कर रहे हैं. लेकिन किसी भी आधिकारिक डॉक्यूमेंट या सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. खेल मंत्रालय की कमेटी की जांच चलने तक बृजभूषण पूरा सहयोग करेंगे और किसी भी तरीके का हस्तक्षेप उनका आधिकारिक कामों में नहीं होगा. फेडरेशन की तरफ से इस पूरे मामले पर जांच की रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है और बृजभूषण शरण सिंह भी अपना रुख उसके बाद साफ कर सकते हैं.

बृजभूषण शरण सिंह.
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