Bhim Army-Azad Samaj Party Controversy: भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी में कोई टूट नहीं, संगठन पूरी तरह एकजुट, कमल वालिया

Saharanpur Bhim Army Controversy: भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के बीच कथित मतभेदों की चर्चाओं के बीच संगठन के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने एकजुटता का दावा किया है. उन्होंने कहा कि दोनों संगठन पहले की तरह साथ हैं और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें भ्रामक हैं. नेतृत्व स्तर पर संवाद जारी है और जल्द स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

Saharanpur Bhim Army Controversy

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Newzo

• 03:24 PM • 09 Jun 2026

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Saharanpur Bhim Army Controversy: भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी के बीच मतभेदों की चर्चाओं के बीच भीम आर्मी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने संगठन में किसी भी प्रकार की टूट या विवाद से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि दोनों संगठन पूरी तरह एकजुट हैं और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है.

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विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने फेसबुक लाइव के दौरान बिजनौर में आयोजित आजाद समाज पार्टी की सत्ता परिवर्तन यात्रा के एक कार्यक्रम को लेकर नाराजगी जताई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई और शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद सोशल मीडिया पर संगठन के भीतर मतभेदों की चर्चाएं तेज हो गईं. इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कमल सिंह वालिया ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है.

उन्होंने बताया कि वह स्वयं विनय रतन सिंह से मुलाकात करने जा रहे हैं और जल्द ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. उन्होंने कहा, “हम सभी एक परिवार हैं. आपसी संवाद के माध्यम से हर मुद्दे का समाधान किया जाता है और संगठन पहले की तरह मजबूत है. ”कमल वालिया ने यह भी आरोप लगाया कि बहुजन आंदोलन की बढ़ती ताकत से घबराई कुछ राजनीतिक शक्तियां और उनकी आईटी सेल संगठन की छवि खराब करने तथा चंद्रशेखर आजाद को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने कहा कि भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी सामाजिक न्याय, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई मिलकर लड़ रही हैं. उन्होंने बहुजन समाज को भरोसा दिलाया कि संगठन अपने मूल उद्देश्यों से पीछे नहीं हटेगा और समाज के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा.

फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर बहुजन समाज और राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है तथा सभी को संगठन की ओर से आने वाले अगले आधिकारिक बयान का इंतजार है.