UP Police Recruitment Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही लाखों युवाओं का सपना भी जुड़ा हुआ है. इटावा रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला, जहां दूर-दराज जिलों और दूसरे राज्यों से आए अभ्यर्थी प्लेटफॉर्म पर रात बिताते नजर आए. कोई ट्रेन का इंतजार कर रहा था तो कोई अगले दिन परीक्षा केंद्र जाने की तैयारी में था. प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बड़ी संख्या में छात्र बैठे और लेटे दिखाई दिए. कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्र काफी दूर दिए गए हैं, जिससे यात्रा और ठहरने में परेशानी हो रही है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, इटावा से करीब 25 हजार से अधिक अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं. कुछ छात्र बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे थे. आगरा से आए मुकेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी का परीक्षा केंद्र मैनपुरी में पड़ा है, लेकिन रात में जाने का कोई साधन नहीं होने के कारण वे स्टेशन पर ही रुक गए. उन्होंने बताया कि बाकी छात्रों को स्टेशन पर रुका देखकर वे भी वहीं रुक गए. वहीं बिहार से आई नीतू कुमारी ने बताया कि वह बीएड परीक्षा देकर वापस जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रही हैं. उनकी ट्रेन सुबह 3 बजे है, इसलिए उन्हें स्टेशन पर ही रुकना पड़ रहा है.
दूर सेंटर बनने से बढ़ी परेशानी, फिर भी नहीं टूटा हौसला
कई छात्रों ने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्र काफी दूर दिए गए हैं. किसी का सेंटर अमरोहा में है तो किसी का उन्नाव या लखनऊ में. आगरा से आए अमन भदौरिया ने बताया कि उनका सेंटर अमरोहा में पड़ा है और वे ट्रेन के जरिए वहां पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि पुलिस में भर्ती होना उनका सपना है, हालांकि उनका लक्ष्य कुल मिलाकर सरकारी नौकरी हासिल करना है. उनके पिता किसान हैं और परिवार को उम्मीद है कि वे सफलता जरूर हासिल करेंगे.
आगरा से आए नवीन सिंह ने बताया कि उनके परिवार में अभी कोई पुलिस सेवा में नहीं है, लेकिन वे घर के बड़े बेटे हैं और उनके छोटे भाई भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. वहीं अमरदीप और उनके साथियों ने कहा कि वे सभी पुलिस भर्ती में चयनित होकर देश सेवा करना चाहते हैं. उन्नाव में परीक्षा देकर लौट रहे यशराज ने बताया कि पिछली भर्ती में वे फाइनल चरण तक पहुंचे थे, लेकिन चयन नहीं हो सका. इस बार उन्हें पूरी उम्मीद है कि भर्ती हो जाएगी. उनके पिता खेती करते हैं जबकि बड़े भाई सेना में हैं, जिससे उनके अंदर भी देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ.
दूसरे राज्यों से भी पहुंचे युवा, स्टेशन बना अस्थायी ठिकाना
मध्य प्रदेश के भिंड से आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि वे परीक्षा देकर लौट रहे हैं, लेकिन ट्रेन लेट होने के कारण स्टेशन पर रात बितानी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि उनका सपना सेना में जाने का है, लेकिन पुलिस भर्ती परीक्षा भी दे रहे हैं. उनके परिवार में कोई सेना या पुलिस में नहीं है, हालांकि उनके चाचा इंडियन नेवी में हैं, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली है. कई छात्रों ने कहा कि परीक्षा का स्तर ठीक-ठाक था और पेपर अपेक्षाकृत आसान लगा, जिससे चयन की उम्मीद बढ़ी है.
पुलिस भर्ती सिर्फ नौकरी नहीं, सपनों की उम्मीद
इटावा स्टेशन पर मौजूद अधिकांश युवाओं की एक ही इच्छा थी—किसी तरह पुलिस में भर्ती होकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करना, बेरोजगारी से बाहर निकलना और देश सेवा करना. कोई किसान परिवार से था तो कोई छोटे शहर और गांव से संघर्ष करते हुए यहां पहुंचा था. आर्थिक और यात्रा संबंधी परेशानियों के बावजूद इन युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ. अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर भर्ती के नतीजों पर टिकी है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करेंगे.
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